शनिवार, 5 नवंबर 2011

तुलसी आरती

(कार्तिक महीने में तुलसी विवाह के उपलक्ष में मीरा का एक भजन सादर समर्पित)

तुलसी महारानी नमो नमो,
हरि की पटरानी नमो नमो.

धन तुलसी पूरन तप कीना,
सालिगराम भाई पटरानी.

धूप दीप नैवेद्य आरती,
पुष्पन की वर्षा वर्षानी.

छप्पन भोग धरे प्रभु आगे,
बिन तुलसी हरि एक न मानी.

नारद शारद शीश नवावें,
ध्यान धरें सुर मुनि विज्ञानी.

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
भक्तिदान दीजो वरदानी.