तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
बड़ी मुश्किल से तुम्हें पाया मेरे सपने हो.
बंधी रहने दो मुझे अपने ही चरणों से तुम,
कसे रहना प्रभु छुट पाए न प्रभु यह बंधन.
मैं तेरी हो गई हूँ, तुम कहो कि कवने हो,
तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
भूल हो जाय कभी मुझसे क्षमा कर देना,
गिरुं जो राह में हे नाथ बाँह धार लेना.
मेरी जिव्हा को सदा नाम तेरे जपने हो,
तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
मन को निर्मल करो और तन भी रहे ये पावन,
उर के मंदिर में रहो मेरे प्रभु मन भावन.
छूट जाए सभी दुःख मन के जो कलपने हो,
तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
बड़े विश्वास से यह आश लेके आई हूँ,
गुहार कर रहीं हूँ, जग में मैं भुलाई हूँ.
याद आ जाना ये तन छूटने के पल में हो,
तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
प्रभा तिवारी
बड़ी मुश्किल से तुम्हें पाया मेरे सपने हो.
बंधी रहने दो मुझे अपने ही चरणों से तुम,
कसे रहना प्रभु छुट पाए न प्रभु यह बंधन.
मैं तेरी हो गई हूँ, तुम कहो कि कवने हो,
तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
भूल हो जाय कभी मुझसे क्षमा कर देना,
गिरुं जो राह में हे नाथ बाँह धार लेना.
मेरी जिव्हा को सदा नाम तेरे जपने हो,
तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
मन को निर्मल करो और तन भी रहे ये पावन,
उर के मंदिर में रहो मेरे प्रभु मन भावन.
छूट जाए सभी दुःख मन के जो कलपने हो,
तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
बड़े विश्वास से यह आश लेके आई हूँ,
गुहार कर रहीं हूँ, जग में मैं भुलाई हूँ.
याद आ जाना ये तन छूटने के पल में हो,
तुम मेरे अपने रहो, तुम ही मेरे अपने हो.
प्रभा तिवारी
