मंगलवार, 1 मई 2012

मन को सीख

मन  राम  सदा सुख  धाम भजो, 
जग ताप सभी हट जायेंगे.

जब तू प्रभु से लग जाएगा,
सत् चिंतन सतत सुहाएगा.
सुख पाएगा, हर्षाएगा,
तेरे सारे दुःख मिट जाएंगे.

सद्भाव उदय निश्चय होगे,
सत्कर्म भी तब अक्षय होंगे.
जो चाहोगे सो पाओगे,
और भाग तेरे खिल जाएंगे.

तुम को प्रभु शरण में रख लेंगे,
और उर अंतर दर्शन देंगे.
नैसर्गिक शान्ति मिल जाएगी,
भव बंध सभी कट जाएंगे. 

मन  राम  सदा सुख  धाम भजो, 
जग ताप सभी हट जायेंगे.


प्रभा तिवारी