शुक्रवार, 27 जनवरी 2012

माँ शारदा से विनय

सबको सुमति दै डारो, शारदा मैहरवाली,
मन से कुमति निकारो, शारदा मैहरवाली.

       सत् चिंतन सद् भाव भरो माँ,
       सत् कर्मों को प्रेरित करो माँ,
       जय आनंद मैया 
जग आनंद भर डारो शारदा मैहरवाली.
सबको सुमति दै डारो, शारदा मैहरवाली.

       क्षमा, दया अरु त्याग भरो माँ,
       स्नेह, सहानुभूति उर में धरो माँ,
       मन को सहज मैया 
मन को सहज कर डारो शारदा मैहरवाली.
सबको सुमति दै डारो, शारदा मैहरवाली.

       नीति, रीति, कर्तव्य भरो माँ,
       लज्जा, शील, विनय मन धरो माँ,
       भक्ति विमल मैया 
भक्ति अचल दै डारो शारदा मैहरवाली.
सबको सुमति दै डारो, शारदा मैहरवाली.

बुधवार, 25 जनवरी 2012

२६ जनवरी - गणतंत्र दिवस

ओढ़े त्रय रंगी चुनरी,
छब्बीस जनवरी आयी.
पूरे भारत ने मिलकर
गणतंत्र की खुशी मनायी.

यह धरती माँ हम सबकी
जीवन से भी प्यारी है.
इसकी मिट्टी की खुशबू
सोंधी जग से न्यारी है.

आज़ाद करने इसको
कोटिक बलिदान दिये हैं.
शत-शत प्रणाम हम सबका,
उन पूर्वज जन के लिये है.


इसकी रक्षा को हम सब
मिलकर तैयार रहेंगे.
तन जाये चाहे पन जाये
बस यह प्रण आज करेंगे.


बालक न कहो हम सब हैं
भारत भूमि के वीर.
अवसर पर चला दिखा देंगे
अभिमन्यु जैसे तीर.


! जयहिंद !

प्रभा तिवारी

मंगलवार, 3 जनवरी 2012

कामना

प्रभु मैं नित तुम्हरे ढिंग रहऊँ.


मन की व्यथा, वेदना, करुणा,
सुख-दुःख तुम सन कहऊँ.
प्रभु मैं नित तुम्हरे ढिंग रहऊँ.


सत् चिंतन सद्भाव सहित प्रभु,
जीवन व्यवह्र्त करऊँ.
प्रभु मैं नित तुम्हरे ढिंग रहऊँ.


राग, द्वेष, ईर्ष्यादि अवगुण,
तुमरी कृपा से बहऊँ.
प्रभु मैं नित तुम्हरे ढिंग रहऊँ.


सतत भजन व सत् संगति हो,
ताहि से सब सुख लहऊँ.
प्रभु मैं नित तुम्हरे ढिंग रहऊँ.


मैं हूँ तुम्हारी, तुम मेरे हो,
इहई भावनद तरऊँ.
प्रभु मैं नित तुम्हरे ढिंग रहऊँ.


भव के ताप दाप हरलो प्रभु,
सतत नाम-रट रटऊँ.
 प्रभु मैं नित तुम्हरे ढिंग रहऊँ.