गुरुवार, 24 फ़रवरी 2011

आरती

वन्दे गौरीशं शिव वन्दे गौरीशं,
त्रिगुणातीत मनादिमनन्तं जगदीशम,
ओम हर, हर हर महादेव.

श्री कैलाश निवासं, पंकज मुख नयनं.
शिव पंकज मुख नयनं,
शशिधर मौलिम शिवदं,
ताप त्रय शमनम.
ओम हर, हर हर महादेव.

अखंडैक रस रूपं,
जन मन सुख करणं,
शिव जन मन सुख करणं.
सुर पूजित पद पीठं,
कृत भस्मावरणम .
ओम हर, हर हर महादेव.

शरतचन्द्र गौरी छवि, मन्मथ मदहरणम,
शिव मन्मथ मदहरणम,
गौरीशंकर नाथं,
गुण गायक शरणम.
ओम हर, हर हर महादेव.   


(यह आरती मेरे स्व. पितामह श्री गौरीशंकर जी मिश्र के द्वारा रचित है)

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